नईदिल्ली। ईरान से कच्चा तेल लेकर आ रहे तेल टैंकर को 'भुगतान मुद्दों' के कारण भारत के बजाय चीन की ओर मोड़ दिया गया है। मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कहा कि समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में किया गया यह दावा कि ईरानी कच्चे तेल का एक कार्गो भुगतान मुद्दों" के कारण वाडिनार, भारत से चीन की ओर मोड़ दिया गया है, तथ्यात्मक रूप से गलत है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी कच्चे तेल की आवश्यकताओं को सुरक्षित कर लिया है, जिसमें ईरान से भी आपूर्ति शामिल है और अफवाहों के विपरीत, ईरानी कच्चे तेल के आयात के लिए कोई भुगतान बाधा नहीं है।
गुरुवार को शिप ट्रैकिंग साइट के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि करीब छह लाख बैरल कच्चा तेल लेकर इस्वातिनी के ध्वज वाला टैंकर भारत के वाडिनार बंदरगाह पर आ रहा है। हालाकि जहाजरानी मंत्रालय ने कहा था कि उसे इस टैंकर के बारे में विशेष जानकारी नहीं है।
शुक्रवार को इस साइट के हवाले से खबरों में कहा गया कि पिंग शुन नामका यह टैंकर चीन के बंदरगाह डोंगयिंग की ओर बढ रहा है। इसके बाद मीडिया की रिपोर्टों में कहा गया कि यह इस टैंकर को 'भुगतान मुद्दोंÓ के कारण चीन मोड़ दिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा," समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में यह दावा कि ईरानी कच्चे तेल का एक कार्गो "भुगतान मुद्दों" के कारण वाडिनार, भारत से चीन की ओर मोड़ दिया गया है, तथ्यात्मक रूप से गलत है। भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है, और कंपनियों को वाणिज्यिक विचारों के आधार पर विभिन्न स्रोतों और भौगोलिक क्षेत्रों से तेल प्राप्त करने का पूरा लचीलापन प्राप्त है।
