जैसलमेर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज भारत की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर का कीर्तिमान स्थापित करते हुए स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में एक विशेष उड़ान भरी। राष्ट्रपति आज राजस्थान के जैसलमेर में मौजूद रहीं। यहां वह भारतीय वायुसेना के प्रमुख युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति’ की साक्षी बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यहां पहुंचने पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में यह विशेष उड़ान भरी। इस दौरान वह फ्लाइंग हेलमेट और फ्लाइट ड्रेस में नज़र आईं।
गौरतलब है कि ‘प्रचंड’ हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसे विशेष रूप से कठिन युद्ध परिस्थितियों में संचालन के लिए तैयार किया गया है। यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी उड़ान भर सकता है। ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में राष्ट्रपति की यह उड़ान स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक मानी जा रही है। राष्ट्रपति की यह उड़ान दो ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टरों के समूह के रूप में संचालित की गई।
दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सवार रहे। भारतीय वायुसेना द्वारा द्वारा आयोजित ‘वायु शक्ति 2026’ अभ्यास में विभिन्न लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और उन्नत हथियार प्रणालियां अपनी मारक क्षमता और सटीकता का प्रदर्शन कर रही हैं। यह अभ्यास देश की वायु शक्ति, सामरिक तैयारी और पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच है। वहीं ऐसे सैन्य प्लेटफार्म से राष्ट्रपति की यह ऐतिहासिक उड़ान सशस्त्र बलों के मनोबल को और सुदृढ़ करेगी।
साथ ही यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु दिसंबर माह के दौरान को भारतीय नौसेना की स्वदेशी रूप से निर्मित कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर पर सवार हुई थीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्नाटक के कारवार नौसैनिक अड्डे से यह यात्रा शुरू की थी। राष्ट्रपति की वह यात्रा भारतीय नौसेना की क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के रक्षा निर्माण कार्यक्रम का सशक्त प्रतीक थी। उस विशेष अभियान में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी राष्ट्रपति के साथ मौजूद थे।
