नई दिल्ली। जापान दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश और औद्योगिक सहयोग को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जापानी निवेशकों के लिए विशेष ‘जापान इंडस्ट्रियल सिटी’ विकसित की जा रही है, जिसकी निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है।
500 एकड़ में विकसित होगी इंडस्ट्रियल सिटी
यह इंडस्ट्रियल सिटी लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य जापान की कंपनियों को विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योग प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया।
निवेशकों के लिए सुरक्षित और पारदर्शी माहौल
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। बीते 9 वर्षों में राज्य में 16 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का संचालन शुरू किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
जेवर एयरपोर्ट से विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द संचालित होगा। जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति देगा। एयरपोर्ट के आसपास 27 बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे और वैश्विक कंपनियों को निवेश का बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा।
विदेशी कंपनियों की बढ़ती रुचि
मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान की कई कंपनियों ने नोएडा क्षेत्र में निवेश को लेकर सकारात्मक रुचि दिखाई है और कुछ ने निवेश भी किया है। ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में देश-विदेश की कंपनियां लगातार संपर्क कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और निवेशकों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है।
एशियाई निवेश केंद्र बनने की दिशा में कदम
गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री सिंगापुर दौरे पर भी गए थे, जहां हजारों करोड़ रुपए के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ था। अब जापान दौरे के माध्यम से उत्तर प्रदेश को एशियाई निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जेवर एयरपोर्ट के संचालन के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
