शुक्रवार, 29 मई 2020

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नहीं रहे छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्य मंत्री अजीत जोगी





 अजीत जोगी (ajit jogi) का (daith) निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति: (cm) मुख्यमंत्री  (baghel) बघेेल

छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) के (first minister)प्रथम मुख्यमंत्री(amit jogi) अजीत जोगी का निधन: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(bhupesh baghel)ने गहरा दुख व्यक्त किया*

छत्तीसगढ़ सरकार ने जोगी के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक(rajkiya shoke) घोषित किया

*राष्ट्रीय ध्वज ( national flag) आधा झुका रहेगा: कोई भी शासकीय समारोह नहीं होंगे आयोजित*

*स्वर्गीय  जोगी का राजकीय सम्मान के साथ कल गौरेला में होगा अंतिम संस्कार*

  (एनपीन्यूज)  रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। आज यहां एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान अजीत जोगी का निधन हो गया। मुख्यमंत्री  ने जोगी के निधन पर राज्य में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। स्वर्गीय जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कल 30 मई को गौरेला में होगा।

      मुख्यमंत्री बघेल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि  जोगी का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने प्रदेश के विकास में श्री जोगी के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के तीव्र विकास की रूपरेखा तैयार की और एक कुशल राजनीतिज्ञ एवं प्रशासक के रूप में राज्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।  मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद श्री जोगी के नेतृत्व में बनी सरकार में केबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि श्री जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए काम करने की दिशा निर्धारित की।
     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय जोगी के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। ज्ञातव्य है कि श्री जोगी बीते 9 मई से उपचार हेतु चिकित्सालय में भर्ती थे। पूर्व मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राध्यापक  के रूप कैरियर की शुरूआत की। पहले आई.पी.एस. के रूप में अपनी सेवाएं दी तत्पश्चात भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान रायपुर सहित कई जिलों के कलेक्टर रहे। सांसद, विधायक भी रहे। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना तो वे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

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