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स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने गये बिहार के उपमुख्यमंत्री इसकी लिफ्ट में फंसे



केवडिया। दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के तौर पर गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया के निकट साधु बेट (द्वीप) पर स्थापित 182 मीटर ऊंची स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आये बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी आज इसकी एक लिफ्ट में कुछ समय के लिए फंस गये। हुआ यूं कि सरदार वल्लभभाई पटेल की इस मूर्ति के हृदय स्थल के निकट लगभग 153 मीटर की ऊंचाई पर बनी व्यूइंग गैलरी पर जाने के लिए जब श्री मोदी, गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल और जिला विकास अधिकारी तथा अन्य के साथ इसमें सवार हुए तो अचानक बिजली चली गयी। लगभग एक मिनट तक बिजली नहीं रहने के कारण श्री मोदी और अन्य इसमें फंसे रहे।
व्यूइंग गैलरी से आसपास की पहाड़ियों और लगभग तीन किमी दूर स्थित सरदार सरोवर बांध का मनोरम दृश्य निहारा जा सकता है। इस पर जाने के लिए दो लिफ्ट हैं तथा यह यहां आने वाले पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। इस पर जाने के लिए आम आदमी को प्रति व्यस्क 350 रूपये और प्रति बालक 200 रूपये की टिकट लेनी पड़ती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों गत 31 अक्टूबर को लोकार्पित इस प्रतिमा पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और इस दौरान कथित अव्यवस्था को लेकर मूर्ति के प्रबंधन से जुड़ी संस्थाओं की खासी आलोचना भी हो रही है। आज की घटना के बाद भी संबंधित अधिकारी सकते में दिखे और जवाब देने से गुरेज करते रहे।
श्री सुशील मोदी ने बाद में पत्रकारों से कहा कि इस विशाल प्रतिमा के निर्माण ने इस बात को सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जो कहते हैं उसे पूरा कर दिखाते हैं। उन्होंने याद किया कि इसके निर्माण के लिए बिहार के किसानों ने भी अपने लोहे के औजार दिये थे।

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