अमित शाह ने बस्तर क्षेत्र में पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की




रायपुर । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार अनिल जैन और राजेंद्र सिंह के साथ नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और कईं महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान टिकट की लालसा रखने वाले किसी भी उम्मीदवार को बैठक स्थल पर जाने की अनुमति नहीं थी। इस दौरान श्री शाह ने पार्टी द्वारा कराये गये आंतरिक स‌र्वेक्षण की रिपोर्ट की समीक्षा की भी की। जगदलपुुर के एक सूत्र ने यूनीवार्ता को फोन पर कहा,“ भाजपा को आदिवासी वोट प्रतिशत पर रणनीति को सुदृढ़ करने की जरूरत है और चीजों का करीब से परीक्षण किया जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि 2013 विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में भाजपा के प्रदर्शन में बहुत कमी थी और कांग्रेस ने बस्तर क्षेत्र में 12 में से आठ सीटें जीतकर बेहतर प्रदर्शन किया था। कांग्रेस का इस क्षेत्र में 2003 में मत प्रतिशत 34 प्रतिशत था जो 2013 में बढ़कर 42 प्रतिशत हो गया, जिसकी वजह से भाजपा को आठ सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। बस्तर क्षेत्र में सात जिले हैं, जिनमें 12 महत्वपूर्ण सीटें हैं। भाजपा ने 2003 में नौ सीटें जीती थी और मत प्रतिशत 41 प्रतिशत रहा था। पार्टी ने 2008 में 11 सीटें जीती लेकिन 2013 में उसे मात्र चार सीटें ही मिली थी। हालांकि मतप्रतिशत बढ़कर 44 प्रतिशत हो गया था।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव के विभिन्न पहलू हैं। “एक तथ्य यह भी है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में छह-सात सीटें हैं जहां कोई विधायक या पार्टी फिर से जीत नहीं सकी है। राज्य के बाकी हिस्सों के मुकाबले इस क्षेत्र में चुनाव कठिन हो सकता है।” सूत्रों ने बताया कि पार्टी की विभिन्न इकाइयों द्वारा तैयार उम्मीदवारों की एक सूची की भी जांच की गई और अन्य नेताओं एवं विशेष रूप से मुख्यमंत्री के परामर्श से कई मुद्दों की समीक्षा की जा सकती है। श्री शाह ने जगदलपुर में बूथ कार्यकर्ताओं और बाद में रायपुर में बुद्धिजीवियों सेे मुलाकात के दौरान नक्सली खतरे से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री रमन सिंह को एक सक्षम प्रशासक का श्रेय दिया। श्री राजेंद्र सिंह बिहार के कद्दावर नेता हैं और वह संगठनात्मक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्हें बस्तर क्षेत्र के लिए विशेष मतदान प्रभारी बनाया जा सकता है।